Solar Panel क्या है??


आज के दौर में हमारी बढ़ती जरूरतों के लिए हमारी संचित ऊर्जा जैसे कोयला, बिजली जैसे  उर्जा का पारम्परिक उपयोग हो रहा है, वो एक सीमीत मात्रा में उपलब्ध है । जिस तरह से आज के दौर के लोग इस ऊर्जा का खपत कर रहे हैं उस हिसाब से जल्द ही यह सीमित ऊर्जा सूक्ष्म मात्रा में बदल जाएगी । तब शायद छोटे लोग इन ऊर्जा का उपयोग नहीं कर पाएंगे क्योंकि कहीं ना कहीं यह बात सच है कि अगर हमारी जो संचित ऊर्जा है वह कम हो जाए तो निश्चित ही इसकी कीमत बढ़ेगी  जिसकी भरपाई छोटे लोग नहीं कर पाएंगे ।



इसलिए कुछ वैज्ञानिकों ने मिलकर के इसका एक छोटा सा लेकिन बहुत ही महत्वपूर्ण समाधान निकाला जो काफी कारगर साबित हुआ । दोस्तों कुछ वैज्ञानिकों ने मिलकर के एक सोलर पैनल का आविष्कार किया जो सुबह के आने वाली किरणों को विद्युत ऊर्जा में बदल देती थी जिसे हम बल्ब जलाने ट्यूबवेल या इसी तरह कुछ  इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं में उसका यूज़ कर सकते हैं । तो आज हम इसी के बारे में जानने वाले हैं कि यह सोलर पैनल क्या है और यह कैसे काम करती है तो चलिए शुरू करते हैं ।




Solar_Panels
Solar Panels


• Solar Panel क्या है  ????

दोस्तों ये एक एसी युक्ति है,  जिसका उपयोग करके हम ये जो तेजी से खपत हो रही हमारी संचित ऊर्जा है, उसकी खपत होने की दर को काफी हद तक कम कर सकते हैं । यह युक्ति हमारी प्रकाश ऊर्जा के स्रोत यानी कि सूर्य से निकलती किरणों को विद्युत ऊर्जा  में बदल देती है जिसे हम लोग घर में बल्ब जलाने  जैसे कामों में उपयोग कर सकते हैं जिसकी वजह से  हमारी जो संचित ऊर्जा है उसकी खपत काफी कम हो जाएगी । और हमारी संचित ऊर्जा काफी लंबे समय तक चलेगी ।


• Solar Panel को किसने बनाया ??

दोस्तों सोलर पैनल बनाने में बहुत सारे वैज्ञानिकों का योगदान है । सबसे पहले सन् 1839 में एलेग्जेंडर एडमंड बैकलल ने फोटोवॉल्टिक इफेक्ट का पता लगाया , उन्होंने पता लगाया कि कैसे सौर ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदल सकते हैं ।
                       सन 1873 में विल्फिल स्मिथ ने सेलेनियम में  फोटोकान्डक्वास्टिक पावर का पता लगाया , क्योंकि इसके अंदर फोटोकान्डक्वास्टिक का बहुत ही जरूरी काम होता है , क्योंकि यही सूर्य के किरणों को अवशोषित करती है और सेलेनियम सूर्य के किरणों के संपर्क में आने पर बिजली पैदा करती है ।
               कुछ साल बाद सन 1883 में चार्लस फ्रिट्स ने रियल में सोलर सेल्स का आविष्कार किया , और सन 1954 में बेल लैब्स में डेविन चैरिन, केल्विन‌फुलर और जेराल्ड पियर्सन ने सोलर पैनल का आविष्कार किया ।


• Solar Panel कैसे काम करती है???

दोस्तों टेक्निकली सोलर पैनल के अंदर बहुत सारे छोटे-छोटे सोलर सेल्स होते हैं ।  जिन्हें वैज्ञानिक की भाषा में सोलर माड्यूल्स भी कहा जाता है ।  सोलर माड्यूल्स को फोटोवॉल्टिक सेल्स भी कहा जाता है । इसकी खासियत यह होती है कि जब इस पर सूर्य का प्रकाश पड़ता है तब यह कुछ वोल्टेज उत्पन्न करता है इसकी मात्रा बहुत ही कम होती है, इसलिए बहुत सारे सोलर माड्यूल्स को एक साथ जोड़ करके एक बहुत बड़ा सोलर पैनल बनाया जाता है जिससे यह सारे सोलर माड्यूल्स एक साथ अधिक वोल्टेज में बिजली पैदा कर सके ।
Solar_Panels
Solar panels


    हर एक फोटो वोल्टिक सेल एक सैंडविच की तरह अलग-अलग दो सेमीकंडक्टर मैटेरियल्स का बना होता है, जिसमें सिलिकॉन का इस्तेमाल किया जाता है । यह उसी तरह का  सेमीकंडक्टर मैटेरियल्स होता है जो अक्सर हमारे घरों में टीवी या रेडियो जैसे व्यक्तियों में उपयोग किया जाता है ।
             सिलिकॉन की कुछ खास प्रॉपर्टीज होती है । यहां अर्धचालक होता है और इसी गुण के कारण यह बहुत ही उपयोगी हो जाता है । फोटोवॉल्टिक सेल को बनाने के लिए दो परतों को  एक विशेष प्रकार से डोप किया जाता है ।  इसमें P टाइप (Positive Type ) के परत के ऊपर, N टाइप (Negative Type ) के परत को  इस तरह व्यवस्थित किया जाता है, की ऊपरी परत में मुक्त इलेक्ट्रॉन की संख्या अधिक होती है । दोस्तों सौर ऊर्जा जो होती है वह एक छोटे छोटे बंडल्स में हमारे यहां पहुंचती है जिसे हम लोग फोटोन भी कहते हैं ।इसी छोटे-छोटे फोटो उनके बंडल्स में सूर्य की ऊर्जा संचित रहती है।  ऐसे में जब भी सूर्य प्रकाश इस पर पड़ता है तब कुछ ऐसा होता है कि यह सारे इलेक्ट्रॉन पॉजिटिव से चलना शुरू कर देते हैं, और इलेक्ट्रॉन का प्रवाह शुरू हो जाता है ।


Solar Panels के उपयोग !

• दोस्तों अगर हम लोग सोलर पैनल का उपयोग करते हैं तो हमारी जो संचित ऊर्जा है उसकी खपत काफी तेजी से कम हो जाएगी ।
• सोलर पैनल के उपयोग करने से आसपास का प्रदूषण भी कम हो जाएगा क्योंकि हम लोग विद्युत ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए डीजल या पेट्रोल से चलने वाले साधनों का उपयोग करते हैं जिसकी वजह से प्रदूषण अधिक होता है अगर हम लोग इसका उपयोग करना बंद कर दें या कम कर दे तो निश्चित ही प्रदूषण कम होगी ।
• अगर हम सोलर पैनल लगवा लेते हैं तो हम इससे आसपास के लोगों को डिलीट करके रुपया भी कमा सकते हैं ।
• सोलर पैनल का उपयोग अंतरिक्ष में चलने वाले उपग्रहों ने भी उपयोग की जाती है,  जिससे हम धरती पर रहकर भी  यहां से उस उपग्रह को कंट्रोल कर पाते हैं, और उपग्रह हमारे लिए जरूरी डेटा को हमें देता रहता है ।


तो दोस्तों अब आप लोग समझ गए होंगे कि सोलर पैनल क्या है सोलर पैनल कैसे काम करता है और सोलर पैनल के क्या-क्या फायदे हैं । अगर आपको यह पोस्ट अच्छी और  Useful  लगी हो तो इस पोस्ट को अपने फ्रेंड्स के पास या सोशल मीडिया पर जरूर शेयर करें । धन्यवाद ।