Why We Celebrate Diwali :-


दोस्तों इंडिया एक ऐसा देश है जिसे त्योहारों की धरती कहा जाता है । हमारी पारंपारिक मान्यता के अनुसार हिंदू धर्म में कुल 33 करोड़ देवी एवं देवता हैं , और इसी कारण से हमेशा किसी ना किसी त्यौहार का माहौल बना रहता है । इन्हीं पर्व में से एक खास पर्व है दीपावली जो भारत के साथ-साथ विदेशों में भी बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है । दोस्तों दिपावली दशहरे के 20 दिन बाद आता है ।

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           दोस्तों यह तोहार भारत के साथ-साथ विदेशों में भी अलग-अलग तारीखों में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है । हर देश में दीपावली को एक अलग अलग नामों से पुकारा जाता है जैसे कि भारत में दीपावली, यूहदी में हन्नूकाह, थाईलैंड में यी पेंग, इसी तरह से अलग अलग देशों में अलग-अलग नामों से दीपावली को जाना जाता है, पर क्या आपको पता है कि दीपावली क्यों मनाया जाता है, क्यों दीपावली को महत्वपूर्ण पर्व में शामिल किया गया है आखिर दीपावली का रहस्य क्या है ।  दोस्तों आज की इस पोस्ट में ऐसे ही सवालों के जवाब हैं जो आपको जरूर जानने चाहिए । तो दोस्तों इस पोस्ट को पढ़ने के बाद अगर आपको यह पोस्ट अच्छी लगती है तो इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा फ्रेंड के पास शेयर कीजिएगा ताकि दूसरों को भी इस महान पर्व के महत्व के बारे में पता चले ।


• दीपावली कब मनाया जाता है ??

दोस्तों हिंदू कैलेंडर के अनुसार दीपावली, अश्विन के महीने में कृष्ण पक्ष की 13वीं चंद्र दिन पर मनाया जाता है । यह परम परंपरागत रूप से भारत में हर साल अक्टूबर या  नवंबर में मनाया जाता है । दोस्तों दीपावली से कुछ दिन पहले ही दुकानदार अपने  दुकान की सफाई करना शुरू कर देते हैं, लोग घरों को सजाने और संवारने के काम में जुड़ जाते हैं, दीपावली के दिन लोग घरों एवं छतों पर दीप जलाते हैं, इसलिए इस पर्व को प्रकाश का पर्व भी कहा जाता है । इस दिन लोग दीप जलाने के साथ-साथ महालक्ष्मी की भी पूजा करते हैं बच्चे पटाखे जलाते हैं और बहुत इंजॉय करते हैं । यह प्रकाश पर्व दीपावली मनाने के बहुत सारे अद्भुत कारण है जो मैं आज के इस पोस्ट में बताने वाला हूं तो चलिए जानते हैं उन अद्भुत कारणों के बारे में ।

1. भगवान श्री राम के वनवास से अयोध्या लौटने की खुशी में ।

दोस्तों या कहानी हर भारतीय को पता है कि,  भगवान राम के वनवास से अयोध्या लौटने की खुशी में अयोध्या के लोग उनका स्वागत, अपने घरों एवं छतों पर दीप जला करके उनका स्वागत किया था । साथ ही साथ पुरुष लोग आतिशबाजी या करते भी दिखे थे,
मंथरा के गलत विचारों से पीड़ित होकर भारत के माता कैकेयी, श्री राम को उनके पिता दशरथ से वनवास भेजने के लिए वचनबद्ध कर देती है । ऐसे में भगवान राम अपने पिता के आदेश का पालन करते हुए माता सीता और भाई लक्ष्मण के साथ 14 वर्ष के  वनवास के लिए निकल पड़े । लेकिन वही वन में रावण, माता सीता का अपहरण कर लेते हैं । तब भगवान राम सुग्रीव और उनके वानर सेना के और हनुमान के साथ मिलकर के रावण का वध करके माता सीता को वहां से छुड़ा लाते हैं । जिस दिन रावण का वध होता है उस दिन दशहरा मनाया जाता है और जब भगवान राम, माता सीता और भाई लक्ष्मण के साथ अयोध्या पहुंचते हैं उस दिन लोग दीपावली मनाते हैं ।
            इस पर्व को प्रकाश पर्व भी कहा जाता है, क्योंकि लोगों ने इतने दीप जलाए थे कि अमावस्या की रात होने के बाद भी चारों तरफ प्रकाश ही प्रकाश नजर आ रही थी ।




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Happy Diwali 2018

2. पांडवों को अपना राज्य मिलने की खुशी में ।

आप सबों ने महाभारत की कहानी तो जरूर सुनी होगी कि, कैसे कौरवों ने,  शकुनी मामा के चाल से , शतरंज के खेल में, पांडवों का सब कुछ छीन लिया था, और पांचों पांडवों ( युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन,नकुल और सहदेव ) को 13 वर्षों के लिए वनवास जाना पड़ा था । इसी कार्तिक अमावस्या को पांचो पांडव अपने 13 वर्ष का वनवास पूर्ण करके अपने राज्य आए थे, इस खुशी में वहां के लोग उनका स्वागत दीप जलाकर के किया था ।


3. भगवान श्री कृष्ण ने नरकासुर का किया था वध ।

इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने नरकासुर का वध किया था । नरकासुर उस समय प्रगज्योतिषपुर ( जो कि आज नेपाल के दक्षिण प्रांत का एक भाग है ) का राजा था । नरकासुर इतना क्रूर था कि उसने देवी माता अदिति के शानदार वालियों को भी छीन लिया । देव माता अदिति श्री कृष्ण की पत्नी सत्यभामा के संबंधित थी ।  नरकासुर ने कुल 16 देवताओं की कन्याओं को बंधित कर रखा था । श्री कृष्ण की मदद से सत्यभामा ने नरकासुर का वध कर दिया, और सभी देवी देवताओं को उस से छुड़ाया । इसलिए इस कारण से भी  दीपावली मनाया जाता है ।


4. माता लक्ष्मी का सृष्टि में अवतार ।

हर बार दीपावली का त्यौहार हिंदू कैलेंडर के अनुसार कार्तिक मास के अमावस्या को मनाया जाता है । इसी दिन समुद्र मंथन के दौरान माता श्री लक्ष्मी जी ने सृष्टि में अवतार लिया ।  माता लक्ष्मी को धन और समृद्धि की देवी माना जाता है ।  इसलिए दीपावली के दिन दीप जलाने के साथ साथ हम माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना भी करते हैं, दीपावली मनाने का मुख्य कारण यह भी है ।



5. राजा विक्रमादित्य का हुआ था राज्याभिषेक ।

राजा विक्रमादित्य प्राचीन भारत के एक बहुत ही अच्छा और महान राजा थे । वे एक बहुत ही आदर्श राजा थे, वे उनके उदारता, साहस और ज्ञान के संरक्षणो के कारण जाने जाते हैं । इसी कार्तिक अमावस्या को उनका राज्याभिषेक हुआ था, राजा विक्रमादित्य मुगलों को धूल चटाने वाले राजाओं में से सबसे अंतिम राजा थे ।

Diwali
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तो दोस्तों यह थी वह अद्भुत कारण जिसके लिए हम दीपावली मनाते हैं । दीपावली हमेशा हमें अंधेरों से प्रकाश की ओर चलने का मार्ग दिखाता है जैसा कि हमारे प्राचीन भारत के राजाओं ने किया जिनके इतिहास के पन्ने पर बड़े बड़े अक्षरों में नाम अंकित है । आप सभी लोगों को भी दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं अगर आपको यह पोस्ट अच्छी लगी हो तो इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर कीजिए । धन्यवाद ।