1 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता है नया साल

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 नमस्कार दोस्तों ! सबसे पहले हमारे आने वाले नए साल की हार्दिक शुभकामनाएं  !  दिसंबर का महीना शुरू हो चूका हैं और कुछ ही दिनों में हमलोग एक नए इतिहास में आने वाले हैं |इसलिए मैं ने सोचा के सबसे पहले मई ही आपसबों को विश कर दूँ- 

1-january-2019
1-january-2019

 हम बात कर रहे हैं नए साल की जब हमलोग इस पुराने साल को अलविदा कह कर नए साल 2019 में चले जाएंगे | िलेकिन दोस्तों क्या आपने कभी सोचा हैं  1 january को ही नया साल क्यों मनाया जाता हैं , नहीं जानते न, तो चलिए आज हम इसी के बारे में जान लेते हैं





क्यों हुई नया साल मनाने की शुरुआत ??


ऐसा माना जाता है कि नव वर्ष आज से लगभग 4,000 वर्ष पहले बेबीलीन नामक स्थान से मनाना शुरू हुआ था। एक जनवरी को मनाया जाने वाला नया वर्ष ग्रेगोरियन कैलेंडर पर आधारित है। इसकी शुरुआत रोमन कैलेंडर से हुई। इस पारंपरिक रोमन कैलेंडर का नया वर्ष 1 मार्च से शुरू होता है, लेकिन रोमन के प्रसिद्ध सम्राट जूलियस सीजर ने 46 वर्ष ईसा पूर्व में इस कैलेंडर में परिवर्तन किया था। इसमें उन्होंने जुलाई का महीना और इसके बाद अपने भतीजे के नाम पर अगस्त का महीना जोड़ दिया। दुनियाभर में तब से लेकर आज तक नया साल 1 जनवरी को मनाया जाता है।

हिन्दू धर्म में नववर्ष का आरंभ चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा से माना जाता है। हिन्दू धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान ब्रह्मा ने इसी दिन सृष्टि की रचना प्रारंभ की थी इसलिए इस दिन से नए साल का आरंभ भी होता है। इस्लामी कैलेंडर के अनुसार मोहर्रम महीने की पहली तारीख को नया साल हिजरी शुरू होता है।
वैसे ही भारत में नया साल सभी स्थानों पर अलग-अलग तिथियों पर मनाया जाता है। ज्यादातर ये तिथियां मार्च और अप्रैल के महीने में पड़ती हैं। पंजाब में नया साल बैशाखी के रूप में 13 अप्रैल को मनाया जाता है। सिख धर्म को मानने वाले इसे नानकशाही कैलेंडर के अनुसार मार्च में होली के दूसरे दिन मनाते हैं। जैन धर्म के लोग नववर्ष को दिवाली के अगले दिन मनाते हैं। यह भगवान महावीर स्वामी की मोक्ष प्राप्ति के अगले दिन से शुरू होता है।






1 January को ही क्यों मनाया जाता हैं नया साल ??


1 जनवरी से मनाए जाने वाले नए साल की शुरुआत 15 अक्टूंबर 1582 से की गई। 1 जनवरी से शुरु होने वाले कैलेंडर का नाम ग्रिगोरियन कैलेंडर है। ग्रिगोनियन कैलेंडर की शुरुआत ईसाईयों के सबसे खास त्योहार ईस्टर यानी कि क्रिसमस डे के आयोजन की तिथि को निश्चित करने के लिए की गई। उस समय में रूस का जूलियन कैलेंडर प्रचलन में था। जूलियन कैलेंडर में गणना संबंधी त्रुटियां रह जाती थी। जिसके कारण क्रिसमस डे साल में कभी कई दिनों पहले, तो कभी कई दिनों बाद मनाया जाता था।
क्रिसमस डे है इतना खास, जिसके मनाने के लिए रचा गया 1 जनवरी का कैलेंडर
क्रिसमस डे प्रभु यीशु का जन्मदिन होता है। यीशु ने लोगों के हितों के लिए जो त्याग और बलिदान दिया। उसे भुला पाना ना मुमकिन था। यीशु दुनिया से चले जाने के बाद भी लोगों के दिलों में याद बनकर आते रहें। यीशु के बलिदान को लोग सदियों तक याद रखें और उनके व्यक्तित्व से प्रेरणा लें। इसलिए प्रभु यीशु के जन्मदिन को यादगार बनाया गया।
क्रिसमस डे को एक निश्चित दिन आयोजित किया जा सकें। इसीलिए अमेरिका के नेपल्स के फिजीशियन एलाॅयसिअस लिलिअस ने एक नया कैलेंडर प्रस्तावित किया। कुछ सुधारों के बाद 24 फरवरी 1582 को राजकीय आदेश से औपचारिक तौर पर अपना लिया गया।
राजकीय आदेश पोप ग्रिगोरी ने दिया था। ग्रिगोरी के नाम के आधार पर ही इस कैलेंडर का नाम ग्रिगोरियन रखा गया। गणना संबंधी त्रुटियों को दूर कर इसे 15 अक्टूंबर 1582 को लागू किया गया। तभी से इसे लागू माना जाता है।
आज ग्रिगोरियन कैलेंडर पूरी दुनिया में मशहूर है। जिसके आधार पर ही प्रभु यीशु का जन्मदिन 25 दिसंबर को मनाना सुनिश्चित किया गया ।
ईसाई धर्म के लोग क्यों करते हैं रविवार को सामूहिक प्रार्थना
ईसाई धर्म के लोग रविवार को प्रभु यीशु का पुनर्जन्म होना मानते हैं। इसलिए प्रार्थना के लिए रविवार को चुना। इस दिन प्रार्थना करने से व्यक्तित्व का पुनर्जन्म होता है। इंसान अपने पुराने जीवन को भुलकर नए जीवन में त्याग और बलिदान को महत्त्व दें। दूसरों के हित के लिए नेक कार्य करें। यही नए जीवन में लक्ष्य होना चाहिए।


naya-saal-2019
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New Year Advcance Wish Shayari In Hindi -


दोस्तों सबसे ेहले मैंने तो आपको विश कर दिया लेकिन शायद आपने नहीं किया होगा इसलिए  मैं आपके लिए कुछ बेस्ट शायरी लाया हूँ जिससे आप किसी को एडवांस में विश कर सकते है | मुझे भी कर सकते हैं , - 



Jo beetna tha wo beet gaya,
Aane wala naya saal hai,
Humne to kar diya advance mein wishe
Kya apko hamara khayal hai.
Wishing you a very Happy New Year in Advance



Khushiyo ki bahar aaye,
Jeevan mein khub roshni laye,
Jo mila naa ho aaj tak
Wo aapko aane wale saal me mil jaye
Happy New Year in Advance




Aane wala saal badhai ho,
Khushiya laane wala saal badhai ho,
Apko mile zindagi ke har mod pe tarki ke jaam
Or apko advance me wohi zaam badhai ho..



नई उमंग नया साल,
देने आपको खुशियों की बहार,
जल्द आ रहा है आपके द्वार
नए साल के लिए हो जाये तैयार.
हैप्पी नई ईयर इन एडवांस


Aaj Ki Duniya Bohot Advance Hai,
Isi Advance Duniya Ki Advance Technology Main Rehne Wale
Ek Advance Bande Ki Taraf Se Aapko
Advance Happy New Year 2018



आशा हैं की अब जान गए होंगे की, क्यों हुई नया साल मनाने की शुरुआत ?? तथा 1 January को ही क्यों मनाया जाता हैं नया साल अगर आपको ये जानकारी अच्छी लगी हो तो इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ साथ Social Media जैसे Whatsapp Facebook Twiter पर भी जरूर शेयर करें धन्यवाद