Amazing Facts About Facebook in Hindi – फेसबुक के बारे में रोचक तथ्य

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तेजी से बदलती और डिजिटल होती इस दुनिया में लोगों की सबसे जरूरी चीजों में फेसबुक भी शामिल हो गया है. फेसबुक की एक खास पहचान है उसका नीला रंग. दुनिया में इतने रंग है लेकिन फेसबुक का रंग नीला ही क्यों?


why facebook is blue
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Facebook का रंग नीला क्यूँ

दरअसल फेसबुक का रंग नीला इसलिए है क्योंकि फेसबुक के मुखिया मार्क जुकरबर्ग सबसे ठीक तरह से नीला रंग ही देख सकते हैं. मार्क जुकरबर्ग को रेड-ग्रीन कलर ब्लाइंडनेस है. एक रशियन टेलिविजन टॉक शो में बात करते हुए उन्होंने कहा था कि उन्हें कलर ब्लाइंडनेस है और नीला ही वह रंग है जिसे वे सबसे बेहतर ढंग से देख सकता हूं. इसीलिए उन्होंने फेसबुक का रंग नीला रखा है.

इस शख्स को ब्लाक नहीं किया जा सकता

फेसबुक पर एक ऐसा शख्स भी है जिसे कभी भी ब्लॉक नहीं किया जा सकता है. जी हां, ऐसा बिल्कुल संभव है. कोई हैरत की बात नहीं है कि वह प्रोफाइल खुद मार्क जुकरबर्ग की है. फेसबुक पर कोई भी व्यक्ति उन्हें ब्लॉक नहीं कर सकता. आप चाहे तो कोशिश करके देखिए.



जुकरबर्ग को खोजना इतना आसान

अगर आप फेसबुक पर लॉग इन करके अपने होम पेज पर हैं तो उस वक्त आपका यूआरएल होता है https://www.facebook.com और दिलचस्प बात यह है कि अगर आप अपने इसी यूआरएल के आगे बस /4 जोड़ देंगे तो आप सीधे मार्क जुकरबर्ग की वॉल पर पहुंच जाएंगे.


दो देशों में फेसबुक बैन भी है

फेसबुक पर अरबों यूजर्स हैं जिनमें दुनिया के लगभग हर देश के लोग हैं. लेकिन सबसे दिलचस्प बात है कि फेसबुक चीन और उत्तर कोरिया दो देशों में बैन है.


कोई मर जाए तो अकाउंट का क्या होता है?

यदि हमारी जान पहचान में कोई किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो हम फेसबुक पर इस बात की रिपोर्ट कर सकते हैं. फेसबुक ऐसी प्रोफाइल्स को एक तरह का स्मारक (memorialized account) बना देता है. इस अकाउंट में कोई भी व्यक्ति लॉग इन नहीं कर सकता है. इस तरह के अकाउंट में कोई भी बदलाव नहीं किया जा सकता.

हर सेकंड five नए लोग फेसबुक पर

फेसबुक के जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक हर सेकंड five नए लोग फेसबुक पर अपना अकाउंट बनाते हैं. फेसबुक पर हर रोज लगभग thirty करोड़ तस्वीरें अपलोड की जाती हैं. हर sixty सेकंड में fifty हजार कमेंट्स और लगभग three लाख स्टेटस लिखे जाते हैं. वहीं दूसरी ओर फेसबुक पर लगभग nine करोड़ फेक प्रोफाइल्स हैं.

लाइक की जगह था ये नाम

फेसबुक पर हर जगह लाइक का ऑप्शन दिखता है. वैसे फेसबुक पर इस ऑप्शन के बारे में काफी विवाद रहा. सबसे पहले इसका नाम ‘AWESOME’ रखा गया था. लेकिन इसे बाद में LIKE किया गया था.


ये पोक क्या बला है?

फेसबुक पर एक फीचर है पोक. किसी की प्रोफाइल पर जाकर आप उसे पोक कर सकते हैं. लेकिन इसका मतलब क्या है? दरअसल कोई मतलब नहीं है. ये बस जैसे खेल के लिए है. यहां तक कि फेसबुक हेल्प सेंटर में भी आप पूछेंगे कि ‘poke’ का क्या मतलब है तो आपको कभी पता नहीं चलेगा. इस बारे में मार्क जुकरबर्ग कह चुके हैं कि उन्होंने सोचा था कि वे फेसबुक पर एक ऐसा फीचर बनाएंगे जो बेमतलब होगा. ये बस मस्ती के लिए बनाया गया है



फेसबुक एक बीमारी

फेसबुक का एडिक्शन इन दिनों एक बीमारी का रूप लेता जा रहा है. दुनियाभर में हर उम्र के लोग फेसबुक एडिक्शन डिसऑर्डर यानी फेसबुक की लत से जूझ रहे हैं. इस बीमारी का संक्षिप्त नाम fashion है. इस वक्त दुनिया में लगभग कई करोड़ लोग fashion से ग्रसित हैं.

इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप को खरीदा

9 फेसबुक 2004 मार्च में शुरू हुआ और एक साल के भीतर ही इसने दस लाख यूजर्स जुटा लिए थे. जून 2009 तक यह इतना बढ़ चुका था कि यह अमेरिका की नंबर वन सोशल नेटवर्किंग साइट बन गयी. अप्रैल 2012 में फेसबुक ने इंस्टाग्राम और 2014 में वॉट्सऐप को भी खरीद लिया था.

कब क्या लॉन्च हुआ

फेसबुक ने सितंबर 2004 में “वॉल”, सितंबर 2006 में “न्यूज फीड”, फरवरी 2009 में “लाइक” बटन और सितंबर 2011 में टाइमलाइन फीचर लॉन्च किया.



5 Amazing facts about facebook

  1. यदि फेसबुक एक देश होता तो दुनिया में यह पांचवां सबसे बड़ा देश होता जिसका नंबर चीन, भारत, अमेरिका, और इंडोनेशिया के बाद आता।
  2. Facebook हर महीने three करोड़ डॉलर सिर्फ hosting पर ही खर्च करता है
  3. 2011 में Facebook की मदद से ही Iceland का संविधान लिखा गया था।
  4. अगर आपको घर बैठे-बैठे पैसे कमाने हैं तो Facebook को हैक कर लीजिए। जी हाँ, five hundred डॉलर्स की राशि हर उस इंसान को दी जाती है जो फेसबुक को हैक कर सके। अगर आप Facebook की किसी गलती को भी पकड़ लेते हैं तो भी आप इनाम के हकदार होंगे।
  5. इस वक़्त Facebook पर thirty मिलियन मरे हुए लोग है ! यदि किसी Facebook user कि मृत्यु हो जाती है तो क्या उसकी फेसबुक प्रोफाइल ऐसे ही चलती रहती है ? जी नहीं ! यदि हमारी जान पहचान में किसी कि मृत्यु हो जाति है तो हम Facebook को रिपोर्ट कर उस प्रोफाइल को फेसबुक पर एक स्मारक (memorialized account) का रूप दिलवा सकते है !


Conclusion

आशा हैं की अब आपको समझ आ गया होगा की Facebook का रंग नीला क्यूँ हैं अगर आपको ये जानकारी अच्छी लगी हो तो इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ साथ Social Media जैसे Whatsapp Facebook Twiter पर भी जरूर शेयर करें धन्यवाद