हमारे मोबाइल और लैपटॉप में कई तरह की फाइल होती है जिनमें से एक की कुकीज भी हमारे हार्ड ड्राइव में मौजूद एक नॉर्मल टेक्स्ट फाइल होती है जो कि इंटरनेट से ऑटोमेटिक सेव हो जाती है।



cookies kya hai
cookies kya hai



जब भी हम कोई वेबसाइट ओपन करते हैं उसकी सारी जानकारी एक फाइल में सेव जाती है जिससे कि जब भी हम दोबारा कोई वेबसाइट ओपन करते हैं तो उस से रिलेटेड कोई भी पेज खोलने में ज्यादा आसानी होती है और इस प्रकार हमें भी कम समय लगता है और डेटा भी कम खर्च होता है। अगर टेक्निकली बात करें तो यह एक तरह का आइडेंटिफिकेशन कार्ड की तरह काम करता है जो कि इंटरनेट पर एडवरटाइजिंग साइज और ई-कॉमर्स वेबसाइट के लिए बहुत ही जरूरी होता है क्योंकि यह उन से रिलेटेड सभी प्रकार की ऐड दिखाने के लिए बहुत ही कारगर होता है। अगर आप इंटरनेट का रेगुलर इस्तेमाल करते हैं तो आपने Cookies के बारे में जरूर सुना होगा। जैसे कि Android मोबाइल में उनके ऑपरेटिंग सिस्टम के नाम खाने की चीजों पर रखे जाते हैं वैसे ही इंटरनेट का नाम Cookies एक खाने की चीज से जुड़ा हुआ है। तो आज हम आपको इस आर्टिकल में बताएंगे कि Cookies क्या है और यह कैसे काम करती है और इसका क्या फायदा है।



कुकीज़ क्या होती हैं ??

जब भी आप कोई भी Browser इस्तेमाल करते हैं चाहे वह गूगल क्रोम या फ़ायरफ़ॉक्स हो या इंटरनेट एक्सप्लोरर या कोई भी मोबाइल का ब्राउज़र जैसे Opera मिनी या फिर UC Browser जब भी आप इन Browser का इस्तेमाल करते हैं और कुछ भी चीज Surf करते हैं। उसकी जानकारी एक html फाइल के रूप में हमारे फोन या हमारे कंप्यूटर में सेव हो जाती है जैसे कि आपने कौन सा keyword इस्तेमाल किया है और कौन सी वेबसाइट खोली है तो इस तरह की सभी जानकारी एक फाइल में सेव होकर हमारे मोबाइल या कंप्यूटर डाटा में रख दी जाती है ताकि इसका इस्तेमाल बाद में किया जा सके ! ये हमारे लिए बहुत ही सुविधाजनक टेक्नोलॉजी हैं ! इस से हमारा समय भी बचता हैं और हमारा काम भी हो जाता हैं !



कुकीज़ काम कैसे करता हैं -

जैसा हमने आपको बताया कि जब भी हम ब्राउज़र पर सर्च करते हैं तो उनकी छोटी छोटी फाइलें हमारे कंप्यूटर या हमारे फोन में सेव हो जाती है। इससे वेबसाइट सर्वर को एक मैसेज के रूप में भेजा जाता है जब भी हम कोई साइत खोलते हैं या कुछ सर्च करते हैं उसके सारे डाटा एक फाइल में सेव हो जाता है। साइट पर जाते हो वहां पर आपको कई ऐसी चीजे दिखाई जाती हैं जो कि आपने पहले सर्च की हो या वो आपका उसमें इंटरेस्ट हो। एसा इसलिए होता है क्योंकि हमारे मोबाइल या हमारे कंप्यूटर में कुकीज की फाइल से हो जाती है जिसको देखकर इंटरनेट पर उसी के हिसाब से सारी विज्ञापन दिखाए जाते हैं



 

कुकीज़ कितने प्रकार के होते हैं ?

कुकीज मुख्यतः चार प्रकार के होते हैं, जिनके अलग-अलग काम होते हैं।
  1. सेशन ( Session Cookies )
  2. परसिस्टेंट ( Persistent Cookies )
  3. सिक्योर ( Secure Cookies )
  4. एचटीटीपी ओनली ( HTTP Only Cookies )




कुकीज़ से हमें क्या फायदा होता हैं ?
  1. Cookies को आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं और इस को लागू भी कर सकते हैं।
  2. यह सर्वर की फाइल को सेव करने के लिए बहुत ही कम डाटा लेती है जो कि इसका बहुत बड़ा फायदा है।
  3. जब हमारा ब्राउज़र किसी कारण से बंद हो जाता है तो इसका इस्तेमाल करके हम अपनी खोली हुई Tab दोबारा Open कर सकते है।
  4. कुकीज़ समय बचाने और डाटा बचाने बहुत ज्यादा हेल्प करती है।



फायदा हैं तो नुकसान भी होगा ??

  1. यूज़र कुकीज को डिलीट कर सकते हैं।
  2. किसी Browser में कुकीज़ को ब्लॉक करके उनके इस्तेमाल को रोक सकते हैं।
  3. इसमें कॉन्पलेक्स टाइप के डाटा अलावा नहीं किया जाते हैं।
  4. इनके फ़ाइल का साइज़ 4kb अभी से ज्यादा नहीं होता है जो कि एक इमिटेशन है यह हमारे पास वर्ड और हमारे यूज़र आईडी को सपोर्ट कर लेता है जो कि सिक्योरिटी के लिए बहुत ही खतरनाक है


Conclusion

तो दोस्तों आशा हैं की अब आपलोग समझ गए होंगे की इंटरनेट पर  "Cookies क्या होता हैं ? क्या है इसके फायदे या नुक्सान हैं " अगर आपलोगो के लिए ये पोस्ट उसेफुल रही हो तो प्लीज इस पोस्ट को दबाकर शेयर कीजियेगा और आपलोग को किस तरह का पोस्ट पसंद हैं आप हैं कमैंट्स में जरूर बताना ! तो मिलते हैं फिर हमारे अगले पोस्ट में तब तक के लिए | धन्यवाद |