आपलोगो ने कभी किसी का वेबसाइट यूआरएल डालकर सर्च किया हैं , हाँ जरूर किया होगा आपने ? जैसे की हमारा जो यूआरएल है वो हैं " www.hashhindi.online " उसी तरह से अपने भी कभी किसी का वेबसाइट सर्च जरूर किया होगा !



what is www in hindi
what is www in hindi

 आपने कभी गौर किया हैं की जब हम किसी वेबसाइट का यूआरएल डालते हैं तो उसके स्टार्ट में WWW क्यों लगाते हैं ? आखिर ये चीज क्या हैं ? क्या मायने रखती हैं ये किसी भी वेबसाइट के लिए !

क्या हैं WWW ( World Wide Web )

दोस्तों हम www  को वेब भी कह सकते हैं ! यह इन्टरनेट पर सबसे ज्यादा use होने वाला service है।यह कई सारे web servers और clients को एक साथ जोड़ता है। Web server में HTML documents, images, videos और कई प्रकार के अन्य online contents store रहते हैं जिन्हें हम वेब की मदद से एक्सेस कर सकते हैं ! 
 दुनियाभर में जितने भी websites और web pages हैं जिन्हें हम अपने web browser पर देख पाते हैं वे सभी वेब से जुड़े होते हैं और इन्हें access करने के लिए HTTP (HyperText Transfer Protocol) का उपयोग किया जाता हैं ! इसे हम कई सारे web servers का एक collection भी कह सकते हैं।

क्या क्या होता है प्रयोग

जब भी हम world wide web के जरिये किसी वेबसाइट को सर्च करते हैं तो इस काम के लिए नीचे दिए गये कुछ टेक्नोलॉजी का use होता है: 

  1. HTML (HyperText Markup Language): यह एक प्रकार का language है जिससे web page बनाया जाता है। एक वेबसाइट कई सारे web pages से मिलकर बना होता है !
  2. Web Server: सर्वर एक प्रकार का कंप्यूटर होता है जिसमे वेबसाइट के सारे contents जैसे web pages, images, videos आदि को store किया जाता है। सर्वर world wide web से जुड़ा होता है ताकि इन contents को दुनिया के किसी भी कोने से इंटरनेट के जरिये access किया जा सके।
  3. HTTP (HyperText Transfer Protocol): किसी भी computer network में सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए कुछ नियम बनाये गये हैं जिन्हें protocol कहा जाता है। वेब में कोई information सर्वर से आपके कंप्यूटर तक पहुँचता है तो इसके लिए HTTP protocol का उपयोग होता है।
  4. URL (Uniform Resource Locator): यह एक प्रकार का एड्रेस है जो यह बताता है की कोई document वेब में किस location पर उपलब्ध है।
  5. Web Browser: आसान भाषा में यदि कहें तो यह एक software है जिसका उपयोग आप हर दिन अपने कंप्यूटर या मोबाइल में किसी वेबसाइट को access करने के लिए करते हैं। इसमें एक address bar होता है जिसपर URL enter करके उस particular website तक पहुँच सकते हैं।



किसने और कब बनाया था इसे ??

वर्ल्ड वाइड वेब का आविष्कार  एक ब्रिटिश कंप्यूटर साइंटिस्ट Tim Berners Lee ने सन 1989 में किया था तब वे CERN नामक संस्था में एक software engineer थे। वे 'Enquire' नामक एक प्रोजेक्ट में काम कर रहे थे जिसमे उन्हें उस संस्था में काम करने वालों का एक डेटाबेस बनाना था।

प्रोजेक्ट में काम करते समय उन्हें लगा की information को manage करना काफी मुश्किल है क्योंकि data अलग-अलग computer और अलग-अलग program में store थे ऐसे में data को centralize करना और उसे एक जगह स्टोर करना कठिन काम था।

इस समस्या से निपटने के लिए उनके दिमाग में hypertext का concept आया। दरअसल उस समय इंटरनेट की खोज हो चुकी थी और पहले से ही लाखों computers internet से जुड़ चुके थे तो उन्होंने सोचा की क्यूँ न कुछ ऐसा बनाया जाय जिससे इन computers के बीच information का आदान-प्रदान हो सके और उन्होंने हाइपरटेक्स्ट पर काम करना शुरू कर दिया।
  




Hypertext दरअसल एक तरीका है जिसके जरिये किसी device पर text को display किया जाता है जिसमे hyperlink का उपयोग करके अलग-अलग pages को connect किया जाता है, Enquire 
प्रोजेक्ट में इसी का उपयोग किया गया था।
Tim चाहते थे की उनके इस सिस्टम के जरिये दुनियाभर के computers के बीच information exchange किया जा सके लेकिन शुरुआत में उनके इस proposal को ठुकरा दिया गया लेकिन उनके बॉस को यह काफी रोचक लगा और उन्होंने Tim को उसपर काम करने का सुझाव दिया।
अक्टूबर 1990 तक Tim ने तीन तरह के technologies HTML, HTTP, और URL का निर्माण कर लिया था जो की Web के लिए foundation का काम करती है इसके अलावा दुनिया का सबसे पहला web browser उन्होंने ही बनाया था।




कैसे काम करता हैं ये WWW  ??

Web एक प्रकार के client-server model पर काम करता है जहाँ आपका web browser client program होता है और सारे information किसी web server पर स्टोर रहते हैं। क्लाइंट सूचनाओं को प्राप्त करने के लिए सर्वर को रिक्वेस्ट भेजता है जिसके जवाब में सर्वर उन सूचनाओं को वेब पेज के रूप में क्लाइंट को भेज देता है जिसे हम स्क्रीन पर देख पाते हैं। चलिए एक एक करके जानते हैं उनके बारे में - 

  1. किसी वेब साईट या वेब पेज को access करने के लिए आप सबसे पहले वेब ब्राउज़र open करते हैं और वेब ब्राउज़र के एड्रेस बार में उस वेबसाइट/वेबपेज का URL enter करते हैं।
  2. URL किसी वेब पेज के IP address का एक human readable form होता है जिससे उस वेब पेज का लोकेशन पता चलता है और HTTP protocol के माध्यम से URL को DNS (Domain Name Server) पर भेजा जाता है।
  3. DNS उस URL को IP address में बदल देता है ताकि system उसे समझ सके और उसे वापस browser को भेजता है और IP address से browser को पता चल जाता है की वह website/web page कौन से सर्वर में स्टोर है तब उस सर्वर को उस वेबसाइट/वेबपेज को access करने के लिए request भेजा जाता है।  
  4. जब सर्वर को वह पेज मिल जाता है तो उसे वह HTML page के रूप में ब्राउज़र को भेज देता है तब वो ब्राउज़र उस html कोड को रीड कर हम जिस भाषा में समझ सकते है उसमे कन्वर्ट करके हमें स्क्रीन पर दिखता हैं !  
 तो इस proccess  के द्वारा ये सारे काम होता है और इसके स्पीड इतनी तेज होती है की जैसे ही हम कोई भी यूआरएल सर्च बार में सर्च करते हैं , just आधा या एक से दो सेकण्ड्स में  ये सारे स्टेप्स पूरा कर लेती हैं फिर हमें ये अपना रिजल्ट शो करा देती हैं ! 



Conclusion 

तो दोस्तों, अब आप जब कभी किसी भी वेबसाइट का यूआरएल सर्च करेंगे तो ये बातें आपके दिमाग में जरूर आएँगी और आप पहले हीं जान चुके होंगे की "WWW ( World Wide Web ) क्या हैं " और " WWW काम कैसे करता हैं "  अगर आपको ये जानकारी अच्छी लगी हो तो इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करना , और अपनी प्यारी प्यारी बातों को हमें कमेंट करके जरूर बताना , ठीक हैं तो मिलते है अगले पोस्ट में -