सेल्फी लेना अब लोगो के जीवन का एक अहम् हिस्सा बन चूका हैं। वैसे भी सेल्फी को अब भारत में "राष्ट्रीय टाईमपास" का अवार्ड मिल चूका हैं। राह चलते मुसाफिर को भी अगर कोई बंदा सेल्फी लेते दिख जाए तो उनका भी दिल मचलते लगता है सेल्फी लेने को !
selfie addict

एक तौर पर कहे तो तो सेल्फी अब हमारे जीवन में इस कदर अपनी जगह बना चूका है की हम चाह कर भी इसे दूर नहीं कर सकते। बड़े हो चाहे बच्चे हर कोई सेल्फी लेने के शौक़ीन होते जा रहे हैं। आज सेल्फी का भूत इस तरह लोगो के दिमाग पे चढ़ चूका है की सिर्फ फोटो लेने के लिए 20 से 30 हजार तक के फ़ोन लेने तक को भी तैयार होते जा रहे हैं। आखिर क्या कारण है इसकी की लोग सेल्फी के इतने दीवाने होते जा रहे हैं।


क्यों है लोग Selfie के इतने दीवाने ?

लोगो में सेल्फी लेने का बुखार शायद इसलिए चढ़ चूका हैं की अब हमारी दुनिया काफी तेजी से बदल रही हैं। हर कोई अब बस अच्छा दिखने की कोशिश में लगा हैं।  ऐसा नहीं है की सेल्फी लेना बुरी आदत है, लेकिन सेल्फी के लिए पागल हो जाना बुरा हैं। सेल्फी लेने के लिए लोग कभी खतरों के खिलाड़ी भी बन जाते हैं, कभी छत के मुंडेर पर चढ़कर, कभी चलती ट्रैन से बाहर लटककर, कभी ट्रैन की पटरी पर बैठकर, तो कभी ऊँची जगहों पर चढ़कर, ये बताता है की अब लोग खुद को सेल्फी के माध्यम से खुद को रॉयल और अच्छा दिखाने की कोशिस कर रहे हैं। हां कुछ लोग सेल्फी से कुछ कम एडिक्ट होते हैं, उनका सेल्फी लेने का एक सीधा मतलब होता है अपनी भावनाओं को दिखाना, अपनी मन के इच्छाओं को दूसरों के सामने लाना। लेकिन कुछ लोग अपनी रॉयलिटी दिखाने के लिए सेल्फी के पीछे इतने पागल हो चुके हैं की वे खतरों के खिलाड़ी बन जाते हैं।



सेल्फी लेने की प्रवृति अपने भरोसे से दूर होने के संकेत हैं

आजकल लोग अपनों से भी उतने मिलते नही जितने के वे सेल्फी ले लेते हैं।  लोग अपनी इस प्रवृति की वजह से अपनों से और अपनी अंतरात्मा से मिलो दूर होते जा रहे हैं।  लोगों में सेल्फी लेने की प्रवृति अपने भरोसे से दूर होने के संकेत हैं । जो लोग खुद के प्रति संदेहस्पद हैं ऐसे लोग हमेशा अपने दोहरे रूप में फँसे होते हैं यानी सेल्फी लेकर खुद का विश्लेषण करते हैं ।


सेल्फी से होने वाली बीमारियां !

आमतौर पर कहे तो सेल्फी से फायदा से कही गुना ज्यादा नुक्सान हो रहा हैं, लेकिन उसके बाद भी हम सेल्फी लेने से ज्यादा देर तक खुद को नहीं बचा पाते।  नीचे मैंने कुछ सेल्फी से होने वाले बिमारियों के बारे में लिखा हैं जो शायद आपके लिए जानना जरुरी हो -

चेहरे पर आ सकते हैं असमय रिंकल्स - ज्यादा सेल्फी लेने से चेहरे पर समय से पहले ही झुर्रियां आ सकती हैं । कैमरे से निकलने वाले नीले रंग के हानिकारक रेडिएशन त्वचा में मौजूद डीएनए पर प्रभाव डालते हैं, जिसके चलते स्किन की रिपेयरिंग क्षमता काफी हद तक खराब होती है । जिससे आपके चेहरे की रंगत धीरे धीरे उड़ सकती है और समय से पहले ही आप त्वचा के रोगों से ग्रसित हो सकते हैं।

मानसिक रूप से बीमार बनाता है - सेल्फी की आदत आपको मानसिक रूप से बीमार भी कर सकती है यह थोड़ा अजीब जरूर है पर एकदम सच है । एक सर्वे के अनुसार अस्पतालों में सेल्फीसाइड के जिन मरीज़ों का इलाज किया गया वो सब Obsessive -Compulsive Disorder से ही पीड़ित थे । ये मरीज़ सोशल मीडिया पर बार बार अपनी सेल्फी अपलोड करते थे और फिर उस पर आने वाले Likes का इंतज़ार करने लगते थे । अगर किसी ने सेल्फी लाइक नहींं की या कुछ अच्छा कमेंट नहीं किया तो इन्हें बुरा लगता और फिर से नयी सेल्फी अपलोड कर देते । ऐसा दिन में एक दो बार हो तो कोई बात नहीं पर एक दिन में 50 - 100 सेल्फी लेना मानसिक बीमारी को दर्शाता है ।

खतरनाक जगह पर जाना मृत्यु को निमंत्रण - DNA (एक न्यूज प्रोग्राम) में सेल्फी वाले रोग का एक DNA टेस्ट किया गया था। तब उसमें बताया था कि कैसे सेल्फी लेने का शौक लोगों की जान ले रहा है। किस कदर लोग झूठी शान दिखाने के चक्कर में खतरनाक स्थानों पर जाकर सेल्फी लेते हैं और अपनी जिंदगी से हाथ धो बैठते हैं ।




क्रेज ऑफ टेक्नोलॉजी - लगभग 30 करोड़ सेल्फी हर दिन दुनिया में ली जाती है । भारत ही नहीं सारे देश में इसके प्रति लोगों की दीवानगी बढ़ती जा रही है। युवाओं में इसका क्रेज काफी ज्यादा है। वर्ष 2013 में 'सेल्फी', ऑक्सफोर्ड वर्ड ऑफ द इयर बना जो इसके क्रेज की दास्तां बयां करता है। भारत में पिछले तीन से चार साल में इसका क्रेज ज्यादा बढ़ा है। स्मार्टफोन कल्चर के दौर में इसे सबसे ज्यादा बढ़ावा मिला है। क्योंकि सेल्फी लेना फ्रंट कैमरे से मुमकिन होता है। गूगल के एक सर्वे से जानकारी मिली है कि स्मार्टफोन के इस दौर में यंग जनरेशन जो पूरे दिन में 10 से ज्यादा घंटे अपने फोन के साथ बिताते हैं वो दिन में एक-दो नहीं बल्कि 13 से 14 सेल्फी लेते हैं । सबसे जरुरी बन गया है मोबाईल -सेल्फी का चस्का कितना घातक साबित हो रहा है, यह हम देख भी रहे हैं और आये दिन सुन भी रहे हैं। लेकिन लोगों की स्मार्टफोन से इस कदर नजदीकियां काफी चिंता करने वाली हैं। एक सर्वे केअनुसार पुरुष 20 सेकेंड से ज्यादा समय के लिये भी मोबाईल से दूर नहीं रह सकते। परन्तु महिलाओं की स्थिति इस मामले में पुरुषों से थोड़ी ठीक है। महिलाएं 1 मिनट से ज्यादा दूरी बर्दाश्त नहीं कर पाती हैं। उन्हें अपने मोबाईल के बिना कुछ भी अच्छा नहीं लगता । सबसे ज्यादा जरुरी चीज आज के समय में मोबाईल ही है।दोस्तों साइन्स ने काफी तरक्की कर ली है technology काफी बढ़ रही है पर हर चीज की एक limit दी जाती है । अति हर चीज की बुरी है, इसीलिये सेल्फी लेते समय अपने आसपास भी ध्यान दें। अपनों को भी समय दें। सेल्फी की आदत को अपने ऊपर हावी ना होने दें । इससे भी ज्यादा जरूरी काफी चीजेंं हैं उन पर अपना समय लगायें ।


Conclusion 

तो दोस्तों अभी अपने जाना की "क्यों लोग सेल्फी के दीवाने होते जा रहे हैं?" और "सेल्फी से हमपर कौन कौन से परेशानियां आ सकती हैं " अगर आपको इसके बारे में और कुछ जानकारियां है तो आप हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। और अंत में मैं आपसे एक रिक्वेस्ट करना चाहूंगा की अगर आपको ये पोस्ट अच्छी लगे तो इस पोस्ट को अपने दोस्तों के पास जरूर भेजें।